अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले पर सांप्रदायिक टिप्पणी पड़ेगी महंगी, भड़काऊ भाषण, धार्मिक जलसे और लाइसेंसी हथियारों पर भी रोक

अयोध्या/ बुशरा असलम। श्रीराम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद विवादपर फैसला आने में महज कुछ ही दिन बाकी है। इसे ध्यान में रखते हुए अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने सोशल मीडिया मैसेज और पोस्टर पर रोक लगा दी है। कोई भी अयोध्या विवाद, राम मंदिर या बाबरी मस्जिद से जुड़ा मैसेज न तो सोशल मीडिया पर शेयर कर पाएगा और न ही कोई पोस्टर लगाया जाएगा। जिलाधिकारी के मुताबिक सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए 28 दिसंबर तक यह रोक लगाई है। राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के आखिरी फैसले के पहले अयोध्या प्रशासन ने नया सर्कुलर भी जारी किया है। अयोध्या प्रशासन ने जिले में हर तरह के सोशल मीडिया पर होने धार्मिक कमेंट पर एडवाइजरी जारी की है।

प्रशासन ने कहा है कि अयोध्या, मंदिर, मस्जिद या फिर सांप्रदायिक कमेंट सोशल मीडिया पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। अगर लोग अपने व्हाट्सएप्प, फेसबुक टि्वटर इंस्टाग्राम या दूसरे अन्य सोशल मीडिया ग्रुप पर आपत्तिजनक पोस्ट या कमेंट लिखते हुए पाए जाएंगे तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रशासन ने गड़बड़ी न हो इसके लिए कई तरह के प्रशासनिक फैसले लिए हैं। 28 दिसंबर तक अयोध्या में सभी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम, राजनैतिक धार्मिक-सामाजिक रैलियां, वॉल पेंटिंग जलसे और जुलूस पर रोक रहेगी।