20वां श्रद्धा पर्व महोत्सव में आठ चुनिंदा विभूतियां हुईं सम्मानित

अर्चना सक्सेना। 20वां श्रद्धा पर्व महोत्सव आज आनन्दधाम में धूमधाम से मना। पिता के वचन को सम्मान देने के लिए वियावान जंगलों में भटकने वाले श्री राम, दो पिताओं व दो माताओं को बराबर सम्मान देने वाले तथा सम्राट दुर्यॉधन के राजमहल के पकवान छोड़कर विदुरानी के शाकपात में मैया यशोदा के भोजन का स्वाद पाने वाले श्रकृष्ण, मां-बाप को कंधे पर ले जाकर चार धाम यात्रा कराने वाले श्रवण कुमार पिता के समस्या के निदान आजीवन अविवाहित रहने वाले महात्मा भीष्म और पिता के शाप को भी नमन कर यमराज को जीत लेने वाले बालक पुण्डरीक के देश भारतवर्ष में माता-पिता वृद्धाश्रम में गुजारा करें, यह स्थिति शर्मनाक है।

इस अवसर पर विश्व जागृति मिशन के संस्थापक अध्यक्ष आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज ने कहा कि गणेशजी द्वारा माता-पिता (शिव-पार्वती) की परिक्रमा को ह पृथ्वी की परिक्रमा मान लेने की बात को कैसे यह देश भूल गया वृद्धों, बुजुर्गां का सम्मान हो, वह उपेक्षित न रहें, बुजुर्गां का घर-घर सम्मान हो। बुजुर्ग भी अपने-आपको तनिक ढालें और जनरेशन गैप के भूत से बचें, सम्मान वरिष्ठता का तो हो ही, सेवा व त्याग से वरिष्ठ कम उम्र के व्यक्ति भी सम्मानास्पद स्थिति में रहें, ऐसी ढेरों प्रेरणाएं देने को सशक्त माध्यम बन चुका है यह श्रद्धा पर्व।

आज आठ चुनिंदा विभूतियों का सम्मान किया गया। श्रेष्ठ शिखर सम्मान वीररस कवि प्रोफेसर हरिओम पंवार को दिया। सत्र्कीति सम्मान पाने वालों में इसरो के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक तथा विज्ञान एवं अध्यात्म के प्रमुख प्रवक्ता डॉ. ओम प्रकाश पाण्डेय, वैश्विक ख्याति के महान भारतीय गणितज्ञ व शिक्षाविद प्रो. भूदेव शर्मा, आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक एवं वीएचपी के अन्तरराष्ट्रीय महामन्त्री श्री दिनेश चन्द्र, पूर्व आईएएस श्री विमल चन्द्र पाण्डेय, मशहूर शिक्षाशास्त्री डॉ. उपेन्द्र कौशिक, उद्योगपति श्री कश्मीरी लाल हंस एवं प्रख्यात नृत्यांगना श्रीमती शोभा कोसर शामिल थे।

प्रथम बार प्रकाशित ‘श्रद्धा पर्व: एक मार्गदर्शिका’पुस्तिका का विमोचन भी आज हुआ। इसके सम्पादक हैं डॉ. नरेन्द्र मदान और सह-सम्पादक श्री राम महेश मिश्र। मिशन के निदेशक राम महेश मिश्र ने धर्मयात्रा को बताया कि इस अभियान को और तेज किया जायेगा। पूरे देश की मिशन शाखायें वैसे तो श्रद्धा पर्व मनाती ही हैं सभी को और अधिक सक्रिय किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण देश में ऐसा माहौल बनाया जायेगा कि माता-पिता और वृद्धजनों का फिर से यथोचित सम्मान होने लगे।