पेड़ देते है सभी को छाया और फल तो आईये मिलकर करे इनका संरक्षण- स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश/ धनंजय राजपूत। दिल्ली से पधारे मुफ़्ती वज़ाहत कासिम साहब, मुख्य मुफ़्ती उत्तराखण्ड मुफ़्ती रईस कासिम साहब, अब्दुल बासिद नादवी जी एवं अन्य इस्लामिक विद्वानों ने परमार्थ गंगा आरती में सहभाग किया।

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक एवं गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता स्वामी चिदानन्द जी महाराज से विशेष मुलाकात की।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पधारे मौलाना साहब से पर्यावरण एवं नदियों के संरक्षण के विषयों पर विस्तृत चर्चा की। चर्चा के दौरान स्वामी जी ने कहा अब समय आ गया है कि पर्यावरण को बचाये रखने के लिये सभी को को आगे बढ़कर कार्य करना होगा क्योंकि माँ गंगा, देश की सभी नदियाँ, पर्यावरण, पेड़ और बादल सब को समान रूप से  छाया, जल और फल देते है इसलिये हम सब को भी उनके लिये मिलकर कार्य करने की जरूरत है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा, गंगा माँ है और माँ गंगा कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं करती वह सभी के साथ समान व्यवहार करती ह,ै खेत चाहे श्यामलाल का हो या सलीम मोहम्मद का, साइमन का खेत हो या फिर सोहन सिंह का या किसी अन्य का गंगा कभी भी किसी से भेद नहीं करती। पेड़, नदियां और अन्य प्राकृतिक संसाधन सभी के है। पेड़ अपने लिये नहीं जीते बल्कि पशु-पक्षियों को छाया देते है, वे अपना कोई फायदा नहीं देखते बल्कि देते ही रहते है और मनुष्य हमेशा अपने फायदे के लिये ही सोचते है ’’फायदा ही जीवन को जीने का कायदा नहीं है’’ बल्कि जिसमें दूसरों का फायदा हो यह वादा आज हम पूरे समाज से करे; सब से करे तथा हम अपने लिये नहीं सब के लिये जियें।’’

मुफ़्ती वज़ाहत कासिम साहब ने कहा कि ’हम अपनी ओर से फलों के 500 पेड़ हम सभी अपने उलेमा एवं मौलाना के साथ मिलकर उत्तराखण्ड की मस्जिदों के आसपास रोपित करेंगे । उन्होेने कहा कि हम पूज्य स्वामी जी के सानिध्य में सभी उलेमों एवं अन्य धार्मिक विद्वानों के साथ मिलकर रिस्पना नदी पुनरोद्धार के लिये कार्यक्रम करने की योजना स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के साथ मिलकर बनायेंगे जिसका प्लान जल्दी ही किया जायेगा। उन्होने कहा कि पर्यावरण बचेगा तो हम सब बचंेगे।’

स्वामी जी ने दिल्ली से पधारे मुफ़्ती वज़ाहत कासिम साहब, मुख्य मुफ़्ती उत्तराखण्ड मुफ़्ती रईस कासिम साहब, अब्दुल बासिद नादवी जी एवं अन्य सभी इस्लामिक विद्वानों का माँ गंगा के तट पर भव्य अभिनन्दन किया। स्वामी जी ने सभी मौलाना साहब को पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष एवं फलदार पौधे भेंट किये।

स्वामी जी ने सभी को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प कराया सभी ने हाथ खड़े कर संकल्प दोहराया और मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।