मन मोह लेती है चंडीगढ़ की खूबसूरती

बात अगर शहरों की साफ सफाई की हो तो पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ का नाम सबसे पहले आता है। चंडीगढ़ बहुत ही व्यवस्थित है। वहां की गली और सड़कों को बहुत ही सुव्यवस्थित और आकर्षक  तरीके से बनाया गया है। चंडीगढ़ को आज़ादी के बाद पहला प्लांड सिटी होने का दर्जा प्राप्त है। ये तो थी खूबसूरत शहर की बनावट की बात अब बात करते हैं चंडीगढ़ के टूरिज्म की, सबसे पहले तो इस शहर की शांति घूमने वाले लोगों को अपनी और आकर्षित करती है दूसरा यहां का फ़ूड। अगर आप पंजाबी खाने का शोक रखते हैं तो आपको चंडीगढ़ का खाना स्वाद लगेगा।
देवी के नाम पर पड़ा चंडीगढ़ का नाम 
ये शहर हिन्दू धर्म में पूजी जाने वाली देवी चंडी के नाम पर पड़ा है। आप ऐसा भी कह सकते हैं कि ये शहर देवी चंडी को समर्पित है। चंडीगढ़ में उनके नाम से एक प्राचीन मंदिर भी है। जिसकी काफी मान्यता भी है। चंडीगढ़ भारत और एशिया के सुव्यवस्थित शहरों में से एक है इसलिए इसे ‘द सिटी ऑफ़ ब्यूटीफुल’ भी कहा जाता है।
रॉक गार्डन
चंडीगढ़ के सेक्टर 1 में बना रॉक गार्डन बेहद ही खूबसूरत गार्डन है। यह एक व्यक्ति के एकल प्रयास का असाधारण नमूना है। यह बहुत ही भव्य और आकर्षक है। रॉक गार्डन के निर्माता नेकचन्द्र एक मामूली से कर्मचारी थे वो दिन भर साइकिल पर टूटे फूटे कांच के सामान इकट्ठा करते थे जैसे चूड़ियां, प्लेट, बल्ब आदि। वो किसी भी बेकार वस्तु को दिन भर बीनते और यहाँ सेक्टर 1 में लेकर इकट्ठा करते। इन्हीं फेंकी हुई बेकार वस्तुओं से नेकचन्द्र जी ने अनेक और प्रभावित करने वाली आकृतियां बनाईं। आज ये आकृतियां देश-विदेश में लोकप्रिय हैं।
पिंजौर गार्डन 
पिंजौर का जिक्र आते ही हमारी आंखों के आगे एक स्थल का नक्शा तैरने लगता है जो इतिहास के आईने से तो झांकता ही है, प्रकृति भी जहां झूमती, गाती, खिलखिलाती मालूम पड़ती है। दिल्ली-शिमला राजमार्ग पर चंडीगढ़ से 22 किलोमीटर दूर शिवालिक पर्वतमालाओं से घिरा ‘पिंजौर’ मुगल बादशाहों का भी पसंदीदा स्थल रहा है और कई धार्मिक व ऐतिहासिक मान्यताएं भी इस स्थल से जुड़ी हैं। यहां एक बार आकर बार-बार आने को मन करता है।
सरकारी संग्रहालय और आर्ट गैलरी 
गवर्नमेंट म्युजियम और आर्ट गैलरी देश के सबसे प्रसिद्ध संग्रहालयों में से एक है। इसकी खासियत है यहां मौजूद कलाकृतियों, पेंटिंग्स और मूर्तियों का कलेक्शन। यहां पहाड़ी, राजस्थान और गांधार की मूर्तियों पर बनी मिनिएचर पेंटिंग्स मिल जाएंगी। यह संग्रहालय 1948 में हुए देश के विभाजन से जुड़ी कई वस्तुओं को पेश करता है। 40 प्रतिशत वस्तुएं लाहौर के संग्रहालय से लाई गई हैं। 1968 में इस संग्रहालय का उद्घाटन हुआ। चंडीगढ़ के दिल में स्थित एक व्यापक क्षेत्र में फैले परिसर में यह संग्रहालय मौजूद है। संग्रहालय की चार प्रमुख शाखाएं हैं- आर्ट गैलरी, राष्ट्रीय इतिहास संग्रहालय, पोर्ट्रेट्स की नेशनल गैलरी और चंडीगढ़ आर्किटेक्चर म्युजियम।
सुखना झील 
सुखना झील भी चंडीगढ़ के सेक्टर 1 में स्थित है। यह झील शिवालिक पहाड़ की तलहटी में अप्राकृतिक रूप से बनाई गई है। इस झील में अनेक प्रकार की मछलिया भी हैं जिन्हें पकड़ने से पहले पर्यटन विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है। इस झील में पर्यटक नौका विहार का आनंद भी उठा सकते हैं। वाटर स्पोर्टस तथा अन्य जल क्रीड़ाओं के लिए भी यह उत्तम स्थल है।
चंडीगढ़ के उत्तर में मौजूद विशाल जंगल वन्यजीव प्रेमियों को खूब लुभाता है। कांसल और नेपली जंगल जीव-जंतु और पेड़-पौधों से अटे पड़े हैं। तरह का एक और आकर्षण है छतबीर जू जो कि मोहाली में स्थित है। चंडीगढ़ के अन्य पर्यटन स्थलों में रोज गार्डन और गुरुद्वारा कूहनी साहिब भी महत्वपूर्ण है।