बोल बम-बोल बम, बारिश में भी नहीं रुके कांवड़ियों के कदम

पीलीभीत । तेज बारिश के दौरान भी कांवड़ियों के कदम नहीं रुके बल्कि वे पूरे उत्साह के साथ हर हर महादेव का उद्घोष करते हुए गौरीशंकर मंदिर की ओर बढ़ते गए। मंदिर पर भी कांवड़ियों की भारी भीड़ जमा रही। अन्य भक्त भी काफी संख्या में पहुंचे। ऐसे में जलाभिषक के लिए कई घंटों तक भक्तों की कतारें लगी रहीं। शहर के अन्य शिव मंदिरों में भी तमाम भक्त पहुंचे। पूरनपुर व बीसलपुर के शिव मंदिरों पर भी तमा कांवड़ियों ने पहुंचकर जलाभिषेक किया।प्रातरू के समय तेज बारिश हो रही थी। कछला से लौटे तमाम कांवड़ियों ने रात्रि विश्राम मंडी समिति परिसर में किया। प्रातरू बारिश थमने का नाम नहीं ले रही थी लेकिन कांवड़ियों में इतना उत्साह रहा कि बारिश की परवाह किए बगैर वे भीगते हुए निकल पड़े। मंडी से निकलकर नौगवां चैराहा होते हुए एकता सरोवर के सामने से होकर लकड़ी मंडी, बरेली गेट, जेपी रोड, चैक बाजार होते हुए कांवड़ियों के जत्थे में शामिल भक्तों के कदम गौरीशंकर पहुंचकर ही रुके। मंदिर परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध किए गए। सीसीटीवी कैमरे से भी गतिविधियों की निगरानी होती रही। साथ ही पुलिस भी मुस्तैद रही। गौरीशंकर के अलावा दूधिया नाथ महादेव मंदिर, अघ्र्द्ध नारीश्वर शिव मंदिर, बल्लभ नगर स्थित ओंकारेश्वर महादेव मंदिर समेत अन्य शिवालयों पर भी तमाम भक्त जलाभिषेक करने पहुंचे। सावन के तीसरे सोमवार को मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। पूजा अर्चना करने वालों की लंबी लाइनें लगी रही। पर इस दौरान क्षेत्र के गांव सिरसा में स्थित इकोत्तरनाथ मंदिर पर भी श्रद्वालुओं की भीड़ देखी गई। मंदिर तक पहुंचने वाले सभी मार्ग कीचड़युक्त होने के कारण श्रद्वालुओं को पैदल ही यात्रा करनी पड़ी। इसके साथ नगर के अशोक कालेानी में स्थित शिव धाम, कुर्रेया क्षेत्र के त्रेतानाथ मंदिर, सिद्वबाबा मंदिर, महादेव मंदिर, गोमती उदगम स्थल पर भी पूजा अर्चना करने वाले भक्तों का सैलाब उमड़ा। घरों पर भी लोगों ने पूजा अर्चना कर उपवास रखा। क्षेत्र के घाटमपुर के त्रिवेणीघाट शिवालय में शिव भक्तों की पूजा अर्चना करने के लिए भीड़ उमड़ी। कसगंजा के बाजार मंदिर में श्रद्वालुओं ने बेलपत्र चढ़ाए। क्षेत्र के दिलावरपुर, गुलड़िया, सिमरिया, सिमराया, घुंघचाई के मंदिरों में भी लोग पूजा अर्चना को पहुंचे। हरदोई ब्रांच नहर के सिद्व बाबा स्थल पर शिव भक्तों ने शिव¨लग पर जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। कई जगह लोग भजन कीर्तन भी करते देखे गए।