डायबिटीज को प्राकृतिक रूप से कंट्रोल करने के कुछ बहुत आसान तरीके

    वर्तमान समय में, मधुमेह सिर्फ भारत में नहीं बल्कि पूरे विश्व में महामारी का रूप धारण कर चुका है। भारत को तो विश्व का डायबेटिक कैपिटल अर्थात् मधुमेह की राजधानी कहकर पुकारा जाने लगा है। यहां आपको हर घर में कोई न कोई व्यक्ति मधुमेह पीड़ित अवश्य मिल ही जाएगा। इतना ही नहीं, मॉडर्न युग में सिर्फ वयस्क या उम्रदराज लोग ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चे व गर्भवती महिलाएं भी इसकी चपेट में आ चुकी हैं। ऐसे में डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए अक्सर लोग दवाइयों या इंसुलिन का सहारा लेते हैं लेकिन अब आपको ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है। अगर आप चाहें तो अपने खान−पान में कुछ बदलावों की मदद से भी मधुमेह को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं।
    फायदेमंद है बादाम
    अगर आप अपने मधुमेह को नियंत्रित करना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि आप अपनी डाइट में बादाम को भी थोड़ी जगह दें। अमेरिकन कॉलेज की न्यूटिशन पत्रिका में प्रकाशित हुए अध्ययन के अनुसार, बादाम को नियमित रूप से खाने से आपका मधुमेह काफी हद तक कंट्रोल होता है। 16 सप्ताह से अधिक समय तक हुए अध्ययन में पाया गया कि बादाम खाने वाले व्यक्तियों का मधुमेह काफी नियंत्रित हुआ था।
    दालचीनी का प्रयोग
    अध्ययन बताते हैं कि दालचीनी के प्रयोग से टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित लोगों को काफी फायदा होता है। यह रक्त में शर्करा के स्तर को कम करने में प्रभावी होता है। साथ ही यह एलडीएल कोलेस्ट्रॉल व टाइग्लिसराइड्स को भी काफी हद तक कम करता है, जिसके कारण डायबिटीज काफी हद तक कंट्रोल होता है।
    जरूरी है जिंक
    मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को अपने भोजन में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए, जिससे उन्हें पर्याप्त मात्रा में जिंक प्राप्त हो। दरअसल, जिंक एक ऐसा खनिज है जो इंसुलिन हार्मोन के उत्पादन और उसके भंडारण में मदद करता है। इससे रक्त में शर्करा का स्तर सामान्य रहता है। कुछ शोधों में भी पाया गया है कि टाइप 2 मधुमेह पीड़ित व्यक्तियों के शरीर में जिंक का स्तर बेहद निम्न था। अपने शरीर में जिंक की मात्रा बढ़ाने के लिए आप अंडे की जर्दी, कस्तूरी, अदरक की जड़, बादाम व अखरोट आदि खा सकते हैं।
    इनसे करें तौबा
    मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को केला, शरीफा, काले अंगूर, खजूर, अनानास और आम जैसे फलों से दूर ही रहना चाहिए। साथ ही आपको मांसाहारी भोजन, डीप फाई, ऑयली भोजन, जंक फूड, आर्टिफिशयल फलेवर्ड फूड व मैदा से बनी चीजों से भी परहेज करना चाहिए। इसके अतिरिक्त मधुमेह के रोगी को शराब, धू्रमपान व कार्बोनेटेड पेय पदार्थ भी न पीने की सलाह दी जाती है।
    इसका रखें ध्यान
    मधुमेह रोगी को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि उसके डाइट में अनाज कम सब्जियां ज्यादा हो। साथ ही आपके द्वारा इस्तेमाल किए जाने दाल व चावल भी अनपॉलिश हो। इसके अतिरिक्त अपने भोजन में सोयाबीन, सेम, शलजम, खीरा, ककड़ी, लहसुन, लौकी, करेला, पालक, मेथी, बथुआ, चौलाई, आंवला, जामुन आदि को अवश्य शामिल करें।
    मधुमेह पी़ड़ित व्यक्ति को समय−समय पर अपनी रक्त शर्करा की जांच नियमित अंतराल पर कराते रहना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की मधुमेह जन्य विकृति से रोगी अपना बचाव कर सके।
    अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए आप अपनी दिनचर्या कुछ फिजिकल एक्टिविटी जैसे योग, क्रियाएं, प्रणायाम या पार्क में टहलना आदि को अवश्य शामिल करें। आप चाहें तो सुबह के समय सन बाथ भी ले सकते हैं। यह आपके मेटाबॉलिज्म को रेगुलेट करने में काफी मदद करेगा।